Tue. Sep 27th, 2022

Java Plum: प्रकृति की शक्ति कितनी महान है । इसे समझना आम आदमी के बसकी बात नहीं । प्राणी के जीवन के दो पहलू हैं । सुख और दुःख, रोग तथा निरोग यदि प्रकृति ने रोग दिये हैं तो उन रोगों का उपचार करने के लिए कुछ फल फूल तथा जड़ी बूटियों को भी पैदा किया है । यदि उसने सर्दी का मौसम बनाया है तो सर्दी से बचाने के लिए गर्म रखने वाले फल, फूल तथा सब्जियाँ भी पैदा की हैं। ठीक ऐसे ही जब गर्मी का मौसम आता है तो ठंडी तासीर वाले फल सब्जियों की फसलें आती हैं । इनमें से ही एक जामुन का फल है जो केवल गर्मी के मौसम में ही होता है और कमाल की बात यह है कि यही फल गर्मी को दूर करता है । जामुन द्वारा हम बहुत से रोगों का उपचार कर सकते हैं । यही नहीं इस फल की गुठली भी अनेक रोगों से बचाने के काम आती है। आओ देखें कि हम जामुन द्वारा कौन से रोगों का उपचार कर सकते हैं-

मधुमेय (शुगर)

मानव शरीर में कई रोग अपने आप जन्म लेते हैं । कई रोग तो ऐसे भयंकर भी होते हैं कि अन्दर ही अन्दर आदमी को दीमक की भांति चाट जाते हैं । इन रोगों में ही यह मधुमेय रोग है । जो आजकल बहुत तेजी से फैल रहा है । हर दस लोगों में से एक को यही कहते सुना जा रहा है-डॉक्टर ने मीठा खाने से मना कर दिया है क्योंकि शरीर में शूगर बढ़ गयी है । डॉक्टरों के पास शायद इसका उपचार न भी हो मगर जामुन से तो हम इसका उपचार हर गरीब के लिए मुफ्त में ही कर सकते हैं । आप हैरान हो गए होंगे कि यह सब कैसे सम्भव हो सकता है कि बिना पैसे के इतने बड़े रोग का इलाज हो जाय ? मैं उनसे यही कहूँगा कि भारत जैसे गरीब देश में प्रभु ने उनकी सहायता के लिए हर चीज बनायी है । मगर हमारे पास वह आँखें ही नहीं कि उसे पहचान सकें। अब आओ शूगर का उपचार करें

1. जामुन की गुठलियाँ इकट्ठी करके उन्हें कूट पीसकर छान लें। फिर उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर चूर्ण तैयार करें । इस चूर्ण का एक-एक चम्मच ताजा पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करें। इससे शूगर रोग से मुक्ति मिल जायेगी ।

2. जामुन के वृक्ष के पत्तों की कोपलें 250 ग्राम लेकर उन्हें पानी में डालकर उबाल लें । इन्हें तीस मिनट तक उबलने देने के पश्चात् नीचे उतारकर उन कोपलों को ठंडा होने पर अच्छी तरह मसल दें। फिर उस पानी को किसी काँच के या चीनी के बर्तन में छान लें इसे दो तीन दिन तक बराबर मात्रा में पीते रहें । जब समाप्त हो जाय तो उस प्रकार से और तैयार कर लें । यह इलाज थोड़ा लम्बा चलेगा । जब तक आपका रोग समाप्त नहीं जाय उस समय तक इसे चालू रखें। मधुमेय के रोगियों को अधिक मीठा, आलू, चावल, अधिक खट्टी चीजों का खाना बिल्कुल वर्जित है ।

पेट फूलना (गैस रोग)

गैस रोगों के बढ़ते चरण से सब लोग ही चिन्तित हैं । क्या अमीर क्या गरीब हर एक ही गैस रोगों के कारण पेट फूलने से परेशान लग रहा है । मैं समझता हूँ कि जामुनों द्वारा आप इस रोग का उपचार बड़े आराम से कर सकते हैं । 100 ग्राम जामुन को लेकर उसे काला नमक लगा लें । एक मास तक इसे हर रोज सुबह उठकर खायें तो पेट के गैस रोग ठीक हो जाएँगे । जिस मौसम में जामुन नहीं होते उन दिनों जामुन का सिरका 6 ग्राम तक (आयु को देखकर ही) पानी में डाल कर लेने से भी आफारा रोग ठीक हो जाता है ।

दस्त रोग का उपचार

  1. जामुन के पेड़ की कोपलें एक किलो के करीब लेकर उन्हें अच्छी तरह से कूट पीसकर 200ग्राम काला नमक मिलाकर छोटे बेर के बराबर की गोलियाँ बना लें। इन गोलियों के सूखने पर हर प्रकार के दस्त के रोगियों को ताजा पानी या छाछ के साथ दिन में तीन बार खिलाने के दस्त रोग ठीक हो जाएगा ।
  2. जामुन की गुठलियों को सुखाकर उन्हें अच्छी तरह पीसकर थोड़ा काला नमक मिलाकर पेचिश रोगी को एक चम्मच सुबह एक शाम देने से पेट के सारे रोग ठीक हो जाते हैं।
    बार-बार प्यास लगना
    कई लोगों को बार-बार प्यास लगती है यहाँ तक कि वे पानी पी पीकर थक जाते हैं फिर भी उनकी प्यास नहीं बुझती । ऐसे लोगों को जामुन खाने को दे दें तो उनकी प्यास बुझ जाएगी । यदि उन दिनों जामुन की फसल न हो तो जामुन का शर्बत दिन में तीन चार बार देने से प्यास बुझ जाएगी ।

जिगर की खराबी

एक बोतल जामुन का रस निकालकर उसमें 150 ग्राम काला नमक डालकर सात दिन के लिए बन्द करके रख दें । सात दिन के पश्चात् जिगर के रोगी को पाँच से दस ग्राम की मात्रा में सुबह शाम पिलाते रहें । इससे जिगर की खराबी दूर हो जाएगी साथ ही बढ़ा हुआ जिगर भी ठीक हो जाएगा ।

पीलिया

पीलिया ( यरकान) यह एक ऐसा दुष्ट रोग है जो मानव शरीर के लाल खून को पीला कर देता है । जिस आदमी के खून की लाली ही समाप्त हो जाएगी उसे तो पचास रोग और आ पकड़ेंगे । उसकी पाचन शक्ति तो समाप्त ही हो जाएगी । इस रोग के उपचार में ढील न दें तो अच्छा ही है। इसका सबसे सस्ता और सरल उपचार यही है कि सुबह उठते ही हर रोज 250ग्राम जामुन नमक लगा कर खाते रहें । एक मास के अंदर यह रोग ठीक हो जाएगा ।
नोट :- ऐसे रोगियों को गर्म चीजों का प्रयोग बिल्कुल बंद कर देना चाहिए।

लुकोरिया (प्रदर) रोग

नारी जाति के लिए सबसे घातक रोग यही है । उसे मासिक धर्म की भांति हर समय सफेद पानी आता रहता है । इससे औरत का पूरा शरीर खोखला होने लगता है । इसलिए इसके उपचार की ओर ध्यान दें । उपचार सीधा है 20 ग्राम जामुन को 150 ग्राम पानी में डालकर अच्छी तरह से आग पकाते रहें। जब पानी पककर 30 ग्राम के करीब रह जाए तो उसे नीचे उतारकर ठंडा करके जामुनों को उसमें मसलकर गुठलियों को बाहर निकालकर कपड़े में छान लें । इसमें थोड़ी सी कूजा मिश्री मिलाकर अच्छी तरह घोलकर रोगी औरत को पिला दें। एक मास तक हर रोज यह काढ़ा उसे देना होगा । गर्म चीजें-मीट, मछली, अंडा, गर्म मसाले, भिंडी, करेला उसे नहीं खाने चाहिए।

धातु रोग (वीर्य पतला होना)

युवा वर्ग इस रोग के कारण बुरी तरह से बाजारी डॉक्टरों के हाथों लूट रहा है । वीर्य पतला हो या नहीं, लेकिन जब किसी को वहम हो जाए तो उस वहम का इलाज तो लुकमान हकीम के पास भी नहीं था । यही कारण है कि इस बारे में गुप्त रोगों के नाम पर लूटने वाले व्यापारी डॉक्टर युवकों को इस वहम में डाल देते हैं कि-“तुम्हारा वीर्य इतना अधिक पतला हो गया है कि औरत के योग्य ही नहीं रहेगा।” यह बात सुनकर कौन सा युवक चिंतित नहीं होगा। लेकिन मैं उन लोगों को उपचार का एक उपाय बता रहा हूँ। उन लोगों को जामुन की गुठली का चूर्ण तैयार करके अपने पास रखना चाहिए । इस चूर्ण को एक चम्मच सुबह एक शाम को गाय के गर्म दूध के साथ कम से कम एक मास तक लेना चाहिए। इससे वीर्य भी गाढ़ा होगा और शरीर में नयी शक्ति भी आएगी । यदि कोई युवक शीघ्र पतग रोग का शिकार हैं तो उन्हें लम्बे समय तक इस दवा को लेना होगा जब तक इस दवाई को खा रहे हो तब तक नारी के पास नहीं जाना चाहिए।

स्वप्न दोष

वीर्य रोग की भांति इस में भी वहम अधिक है । रोग कम है परन्तु फिर भी इसका सरल उपचार इस प्रकार है । जामुन की गुठली। का चूर्ण दिन में दो-तीन बार ठंडे पानी के साथ सेवन करने से इस रोग का उपचार हो सकता है । ऐसे रोगियों को गर्म चीजों का प्रयोग कम करना चाहिए । रात को सोते समय प्रभु की उपासना करके सोएँ। विचारों को पवित्र रखें ।

दाँतों के रोगों के लिए

जिन लोगों के दाँतों में तकलीफ रहती हो जैसे दाँत दर्द या कीड़ा लगना, मसूढ़ों का सूजना, दाढ़ों का दर्द, ऐसे सब रोगों के लिए जामुन के पेड़ की छाल सुखाकर उसे पानी में डाल कर उबाल कर काढ़ा बना लें। फिर उस काढ़े से दिन में तीन चार बार कुल्ला करें। मुँह की बदबू भी दूर हो जाएगी दाँतों के सब रोग दूर हो जाएँगे।

पथरी

पथरी रोगियों को जामुन तो खाने ही चाहियें साथ-साथ जामुन की गुठली का चूर्ण दिन में चार बार लेना चाहिए ।

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