Tue. Sep 27th, 2022

यह भी आरोही बेलों की देन है । जो खेती द्वार पैदा किया जाता है । इस पर सितम्बर में फूल आते हैं। फल अक्टूबर में आता है। इसके काम आनेवाले अंग फल, रस, पत्ते हैं ।

लाभ तथा उपचार

  • बुखार वाले रोगियों को करेले का शाक देने से लाभ होता है।
  • मधुमेह रोगियों को करेले का स्वरस देने से लाभ होता है ।
  • मसूरिका में करेले के पत्ते का स्वरस हरिद्रचूर्ण के साथ मिलाकर देने से लाभ होता है ।
  • करेला खांसी, पांडु रोग, व्रण, कृमि, सांस रोग, प्रमेह, कुष्ठ, कास, रोगों के लिये भी अति गुणकारी है ।

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